14 अगस्त को है कृष्ण जन्माष्टमी, जानिए- क्यों मनाया जाता है ये त्योहार,कृष्णा जन्माष्टमी पर दही हंडी को पकड़ने का महत्व

श्रीकृष्ण जन्माष्‍टमी 2019: गृहस्थों की आज और साधु-संतों की कल होगी जन्माष्टमी.14 अगस्त को है कृष्ण जन्माष्टमी, जानिए- क्यों मनाया जाता है ये त्योहार,कृष्णा जन्माष्टमी पर दही हंडी को पकड़ने का महत्व

श्रीकृष्ण जन्माष्‍टमी 2017: गृहस्थों की आज और साधु-संतों की कल होगी जन्माष्टमी

ठाकुर जी के जन्मदिन यानी जन्माष्टमी को पूरी रात मंदिरों में भजन कीर्तन होते हैं और भक्तगण उनके जन्मोत्सव की खुशियां मनाते हैं। लेकिन भक्तों के लिए जन्माष्टमी के व्रत का सबसे बड़ा महत्व होता है। लेकिन इस बार अष्टमी तिथि दो दिन होने से लोगों में असमंजस है कि व्रत 14 अगस्त को रखें या 15 अगस्त को

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 14 और 15 अगस्त को मनाई जाएगी। 14 को गृहस्थ तो 15 को साधु-संत व्रत व पूजन-अर्चन करेंगे।

आपने कई प्रसिद्ध हिंदी फिल्म गाने और फिल्मों में दहीहंडी की झलक देखी है। लेकिन क्या आपने कभी कृष्ण जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी पर अभ्यास के पीछे महत्व का विह्वल किया है?

https://foodfactfun.com/wp-content/uploads/2017/08/Dahi-Handi.jpg

श्रीकृष्ण अवतार भगवान विष्णु का पूर्णावतार है. ये रूप जहां धर्म और न्याय का सूचक है वहीं इसमें अपार प्रेम भी है. श्रीकृष्ण अवतार से जुड़ी हर घटना और उनकी हर लीला निराली है. श्रीकृष्ण के मोहक रूप का वर्णक कई धार्मिेक ग्रंथों में किया गया है. सिर पर मुकुट, मुकुट में मोर पंख, पीतांबर, बांसुरी और वैजयंती की माला. ऐसे अद्भूत रूप को जो एकबार देख लेता था, वो उसी का दास बनकर रह जाता था.

5243 वर्ष पहले जन्माष्टमी के दिन भगवान मध्यरात्रि में पृथ्वी पर अवतरित हुए थे। इसका गहरा महत्व भी है क्योंकि मध्यरात्रि ऐसा समय होता है जब अधिकतम अंधेरा होता है और भगवान के अवतरित होते ही अंधेरा छंटना शुरू हो गया। उन्होंने कहा, इसी तरह से हमारा हृदय भी कई चिंताओं एवं कष्टों से पीड़ित होने के चलते अंधकार से भरा हुआ है। यद्यपि हम अपने जीवन के प्रतिकूल समय में जब भगवान की शरण में जाते हैं और वह हमारे हृदय में प्रगट होते हैं, तो सभी अंधकार मिट जाता है और अनंत उम्मीद की धारा भीतर बहने लगती है।

इस दिन मथुरा नगरी पूरे धार्मिक रंग में रंगी होती है

बताया जाता है कि भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आधी रात में अत्याचारी मामा कंस के विनाश के लिए भगवान श्री कृष्ण ने मथुरा में अवतार लिया था। इसलिए इस दिन मथुरा में काफी हर्षोउल्लास से जन्माष्टमी मनाई जाती है। दूर-दूर से लोग इस दिन मथुरा आते हैं। इस दिन मथुरा नगरी पूरे धार्मिक रंग में रंगी होती है।

इस दिन भगवान श्री कृष्ण के मंदिरों को खास तौर पर सजाया जाता है और झांकियां सजाई जाती हैं। इसके अलावा मंदिरों में रासलीला का आयोजन भी किया जाता है। नीचे दिए गए वीडियो के मुताबिक 5 हजार 243 वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण मध्य रात्रि में इस धरती पर अवतरित हुए थे।

ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि इस वर्ष अर्ध रात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि मान 14 अगस्त 2019 दिन सोमवार को होगा। क्योंकि अष्टमी तिथि 14 अगस्त 2019 दिन सोमवार को दिन में 5 बजकर 40 मिनट से लग रही है जो अगले दिन 15 अगस्त 2019दिन मंगलवार को दिन में 3 बजकर 26 मिनट तक ही होगी अतः अर्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि 14 अगस्त को होगी तथा श्री कृष्ण जन्मोत्सव इसी रात को मनाई जाएगी। उदया तिथि में जन्मोत्सव मनाने वाले वैष्णव मतावलम्बी 15 अगस्त 2019 दिन मंगलवार को मनायेंगे। इस वर्ष अष्टमी तिथि में रोहिणी नक्षत्र का अभाव है।

https://foodfactfun.com/wp-content/uploads/2017/08/Shri-Krishna-Janmashtami-2016-Puja-Time.jpg

One thought on “14 अगस्त को है कृष्ण जन्माष्टमी, जानिए- क्यों मनाया जाता है ये त्योहार,कृष्णा जन्माष्टमी पर दही हंडी को पकड़ने का महत्व

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *