Clove oil – चलिए जानते हैं लौंग तेल के फायदे क्या क्या हैं?

Clove oil – चलिए जानते हैं लौंग तेल के फायदे क्या क्या हैं?

लौंग के तेल (Clove oil) से होने वाले स्वास्थ्य लाभ में इसमें निहित विशेष गुणों का बहुत योगदान है. लौंग तेल जीवाणुरोधी, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक, एंटीवायरल आदि के साथ अन्य कई गुणों से भरपूर होता है जो शरीर में होने वाली अनेक समस्याओं के समाधान के लिए उपकारी होता है. गेस्ट्रो इसोफेसियल रिफ्लक्स (GERD), दांत के दर्द, खांसी, अस्थमा, सर्दी जुकाम, सिर दर्द, तनाव और रक्त सम्बन्धी कुछ रोगों के निवारण में सहायक होता है. लौंग के तेल का उपयोग सबसे अधिक दांतों की सुरक्षा से सम्बंधित उत्पादों में किया जाता है. आजकल ज़्यादातर टूथपेस्ट में लौंग के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा माउथ वाश एवं ओरल केयर (Oral care) से जुड़े उत्पादों में भी लौंग तेल एक प्रमुख घटक होता है.

Clove oil

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लौंग (Clove oil) एक सदाबहार पौधा है, इस पौधे की कली (Bud) का प्रयोग लौंग के रूप में किया जाता है. इसके कई औषधिय उपयोग हैं. प्राचीन भारतीय और चीनी सभ्यता में लौंग के उपयोगों के उल्लेख मिलते हैं इसके बाद यह धीरे धीरे सातवीं और आठवीं सदी की दौरान विश्व के अन्य हिस्सों के जैसे यूरोप आदि में फैलता गया. आज भी भारतीय तथा चीनी व्यंजनों में लौंग का इस्तेमाल बहुतायत में किया जाता है.

Clove oil लौंग कई तरह के खनिज तत्वों जैसे कैल्शियम, हाइड्रोक्लोरिक एसिड सॉंलूशन, सोडियम, पोटेशियम, आयरन, विटामिन ए और विटामिन सी पाए जाते हैं.

लौंग के तेल से होने वाले फायदे हिंदी में (The health advantages of clove oil are as following)

सिर दर्द में लौंग के तेल के उपाय (clove oil uses for headache)

लौंग के तेल (Clove oil) में नमक मिलकार अगर इसे माथे पर लगाया जाए तो इसकी ठंडक से सिर के दर्द में आराम मिलता है.

Clove oil

दांतों की सफाई के लिए लौंग तेल के उपयोग (how to use clove oil for tooth decay in Hindi)

आजकल आप गौर करें तो पायेंगे कि बहुत से नामी कंपनियों के टूथपेस्ट में लौंग का तेल (Clove oil toothpaste) एक प्रमुख घटक होता है. दांतों के दर्द, मसूड़ों की सूजन (clove oil for gums) आदि को दूर करने के लिए लौंग का तेल बहुत प्रभावी उपाय माना गया है. मुंह के अल्सर जैसे रोग में भी इसका उपयोग किया जाता है.

लौंग के तेल में यूजनॉल (Eugenol) नामक घटक होता जो दांतों से जुडी समस्याओं के लिए उपयोग किया जाता है. इस वजह से भी लौंग का तेल कई तरह की समस्याओं में प्रयोग में लाया जाता है जिसके प्रभाव लम्बे समय तक रहते हैं. लौंग के तेल को गुनगुने पानी में मिलाकर गरारा करने से गले की खिचखिचाहत और दर्द में राहत मिलती है.

सांसों से आने वाली दुर्गन्ध (Bad breath) को दूर करने में भी लौंग का तेल (Loung ka tel ke fayde) सहायक होता है. इसके अलावा कैविटी के उपचार में भी लौंग का तेल बहुत प्रभावी माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि अगर दांतों में कैविटी (Cavity) हो तो रात को सोने के पहले लौंग के तेल को रुई में लेकर उस प्रभावित जगह पर रखें और ऐसा कुछ दिनों तक नियमित रूप से करें. इससे आप कुछ दिनों बाद देखेंगे कि दांतों में छिद्र वाली जगह साफ़ हो गई है.

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प्रतिरोधक क्षमता के रूप में (laung ke fayde in Hindi, Immune method)

लौंग और लौंग का तेल (Loung ka tel in Hindi) दोनों ही शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं. इसके एंटीवायरल घटक शरीर में रक्त नलिकाओं को साफ़ कर रोगों से लगने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.

इन्फेक्शन से बचाव में मदद करता है लौंग का तेल (To get rid of Infections with help of Clove oil in Hindi)

एंटीसेप्टिक घटक की मौजूदगी ही लौंग को इन्फेक्शनरोधी बनाती है. कट जाने या छोटे घावों के इलाज में लौंग का तेल (Clove oil) उपयोगी होता है. खिलाड़ियों को होने वाली कई समस्याओं जैसे फंगल इन्फेक्शन, चोट, धुप में होने वाली जलन या झुलसना और खुजली आदि में यह बहुत फायदेमंद होता है. लौंग तेल (Clove oil) की प्रकृति थोड़ी कठोर होती है इसीलिए इसे पतला कर या किसी अन्य चीज में मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. लौंग के तेल को संवेदनशील त्वचा पर कभी नहीं लगाना चाहिए.