Turmeric Benefits हल्दी के जबरदस्त फायदे और नुकसान

Turmeric Benefits हल्दी के जबरदस्त फायदे और नुकसान

हल्दी (Turmeric) एक बहुत ही अच्छी जड़ी बूटी है। अक्सर इसे “मसालों की रानी” के रूप में पुकारा जाता है। इसकी मुख्य विशेषताएं इसकी सुगंध, तेज स्वाद और सुनहरा रंग है। पूरे विश्व में लोग इस जड़ी बूटी को अपने खाना पकाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल करते हैं।

अमेरिकन केमिकल सोसायटी के जर्नल के मुताबिक हल्दी में एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-वायरल, एंटी-बायोटिक, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

Turmeric

यह प्रोटीन, आहार फाइबर, नियासिन, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के, पोटेशियम, कैल्शियम, तांबे, लोहा, मैग्नीशियम और जस्ता जैसे पोषक तत्वों से भी भरपूर है। इन सभी पोषक तत्वों के कारण, हल्दी अक्सर स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए प्रयोग की जाती है। आप पाउडर के रूप में हल्दी को करी, तले हुए व्यंजन, चिकन, गर्म दूध और मसालेदार सलाद ड्रेसिंग में डाल सकते हैं। हल्दी को गोली के रूप में भी लिया जा सकता है।

हल्दी के फायदे – Haldi ke Fayde in Hindi

हल्दी के औषधीय गुण करें कैंसर से शरीर का बचाव – Turmeric Cures Cancer in Hindi

Turmeric हल्दी प्रोस्टेट कैंसर को रोकने में मदद करने के साथ-साथ मौजूदा प्रोस्टेट कैंसर के विकास को भी रोकने में सहायक है। हल्दी में निहित औषधीय गुण कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम होते हैं। कई शोधकर्ताओं ने पाया है कि हल्दी में निहित सक्रिय घटक ट्यूमर के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ संरक्षक प्रदान करने वाले आहारों में से एक है।

हल्दी के फायदे हैं गठिया में उपयोगी – Haldi for Arthritis in Hindi

Turmeric हल्दी में निहित उत्कृष्ट एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण दोनों ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड गठिया के इलाज के लिए उत्तम आहार है। इसके अलावा हल्दी की एंटीऑक्सिडेंट गुण शरीर में मुक्त कणों (फ्री रेडिकल्स) को नष्ट कर देते हैं जिससे शरीर को क्षति पहुँच सकती है। यह पाया गया है कि रूमेटाइड संधिशोथ से पीड़ित लोग जो हल्दी का नियमित आधार पर उपभोग करते हैं, उन्हें इसकी वजह से हल्के जोड़ो के दर्द और साथ ही सूजन से राहत मिलती हैं।

हल्दी के लाभ करें मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद – Turmeric Helps in Diabetes in Hindi

हल्दी (Turmeric) को मधुमेह के इलाज में इंसुलिन के स्तर को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ग्लूकोज नियंत्रण में सुधार लाता है और मधुमेह के इलाज के लिए इस्तेमाल दवाओं के प्रभाव को बढ़ाता है। हल्दी टाइप -2 डायबिटीज की शुरुआत को रोक सकता है। हालांकि, हल्दी का सेवन यदि अधिक प्रबल दवाइयों के साथ किया जाये तो यह हाइपोग्लाइसीमिया (निम्न रक्त शर्करा) नामक स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इसलिए हल्दी के कैप्सूल लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद – Turmeric for Lowering Cholesterol in Hindi

अनुसंधान में यह सिद्ध किया गया है कि सिर्फ हल्दी (Turmeric) को एक भोजन के रूप में इस्तेमाल करने से सीरम कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम हो सकता है। यह एक ज्ञात तथ्य है कि उच्च कोलेस्ट्रॉल अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। उचित कोलेस्ट्रॉल का स्तर बनाए रखने से कई कार्डियोवास्कुलर (हृदय सम्बंधित) रोगों को रोका जा सकता है। तो हल्दी खाएं और हृदय का स्वास्थ्य बनाएं।

हल्दी दूध पीने के फायदे इम्युनिटी के लिए – Turmeric Milk to Boost Immunity in Hindi

हल्दी (Turmeric) में लाइपोपॉलीसकराइड (lipopolysaccharide)नामक एक पदार्थ होता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रोत्साहित करता है। इसकी जीवाणुरोधी, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल एजेंट भी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायता करते हैं। एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली सर्दी, फ्लू और खांसी से पीड़ित होने की संभावना कम करती है। यदि आप सर्दी, खांसी या फ्लू से पीड़ित हैं, तो आप एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर को मिलाकर दिन में एक बार पी सकते हैं। इससे आपको जल्दी ही बेहतर महसूस होगा।

घाव को जल्दी भरने में मदद – Haldi for Wounds Healing in Hindi

हल्दी (Turmeric) एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी एजेंट है और इसे संक्रमण की रोकथाम के रूप में इस्तेमाल की जाती है। यदि आपकी त्वचा जल गई है या फिर कट गई है, तो आप उपचार प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रभावित क्षेत्र पर हल्दी पाउडर लगा सकते हैं। हल्दी क्षतिग्रस्त त्वचा की मरम्मत में मदद करती है और इसका उपयोग छालरोग (सोरायसिस) और अन्य सूजन संबंधी त्वचा विकार के इलाज के लिए किया जा सकता है।

हल्दी का उपयोग है वजन कम करने में सहायक – Haldi Helps in Weight Loss in Hindi

Turmeric हल्दी पाउडर एक आदर्श शरीर के वजन को बनाए रखने में बहुत मददगार हो सकती है। हल्दी में मौजूद एक घटक पित्त के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है जो आहार वसा के टूटने में एक महत्वपूर्ण भूमिका का निभाता है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या मोटापा और अन्य संबंधित बीमारियों का इलाज करना चाहते हैं, वे प्रत्येक भोजन के साथ हल्दी पाउडर के एक चम्मच का सेवन कर सकते हैं।

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हल्दी के गुण करें अल्जाइमर रोग से बचाव – Turmeric for Alzheimer’s Disease in Hindi

मस्तिष्क की सूजन अल्जाइमर रोग जैसे संज्ञानात्मक विकार के प्रमुख कारणों में से एक है। हल्दी (Turmeric) मस्तिष्क में प्लाक के गठन को हटाने और ऑक्सीजन के प्रवाह को सुधारने में सहायता करते हुए समग्र मस्तिष्क स्वास्थ्य का समर्थन करती है। यह अल्जाइमर रोग की गति को धीमा कर सकती है या फिर उस पर रोक भी लगा सकती है।

हल्दी खाने के फायदे हैं बेहतर पाचन के लिए – Turmeric Powder for Digestion in Hindi

Turmeric हल्दी में कई प्रमुख घटक पित्त का उत्पादन करने के लिए पित्ताशय को उत्तेजित करते हैं, जिससे पाचन में सुधार होता है और ब्लोटिंग और गैस के लक्षणों को कम करता है। इसके अलावा हल्दी अल्सरेटिव बृहदांत्रशोथ सहित आंतों के अधिकांश प्रकार के विकार के उपचार के लिए उपयोगी है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी प्रकार की पित्ताशय की बीमारी से पीड़ित लोगों को हल्दी को आहार पूरक के रूप में नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह स्थिति को खराब कर सकती है। पाचन समस्या से पीड़ित होने पर कच्चे रूप में हल्दी का सेवन करना सर्वोत्तम माना जाता है।

हल्दी पाउडर के लाभ करें लिवर का संरक्षण – Turmeric Benefits for Liver in Hindi

हेल्थी लिवर के लिए हल्दी (Turmeric) बहुत अच्छी रहती हैं हल्दी एक प्रकार का प्राकृतिक लिवर डिटॉक्सीफायर है। लिवर एंजाइमों के उत्पादन के माध्यम से रक्त को साफ़ करती है और हल्दी इन महत्वपूर्ण एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ाती है। ये महत्वपूर्ण एंजाइम शरीर में विषाक्त पदार्थों को तोड़ उनकी मात्रा को कम कर देते हैं। माना जाता है कि हल्दी रक्त परिसंचरण को सुदृढ़ और बेहतर बनाने में भी मदद करती है। ये सभी कारक अच्छे लिवर स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं।

हल्दी के नुकसान – Haldi ke Nuksan in Hindi

हम सब जानते हैं की हल्दी (Turmeric) कई स्वास्थ्य में लाभ प्रदान करती है, लेकिन उच्च खुराक या लंबे समय तक हल्दी का उपयोग कुछ दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है, जिनका उल्लेख निम्नलिखित पंक्तियों में किया गया है:-

  • मसालेदार प्रकृति के कारण, हल्दी (Turmeric) का लंबे समय तक सेवन आपके पेट को खराब कर सकता है।
  • हल्दी को गर्भाशय उत्तेजक के रूप में भी जाना जाता है, जो मासिक धर्म के प्रवाह को प्रोत्साहित कर सकता है। गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने शिशुओं को किसी भी तरह की हानि से बचाने के लिए हल्दी का वर्जन करना चाहिए या फिर इसके सेवन को सीमित रखना चाहिए।
  • चूंकि हल्दी (Turmeric) रक्त के थक्के (ब्लड-क्लॉट) को धीमा करने के लिए जानी जाती है, इससे रक्तस्राव हो सकता है। यदि आप एंटीकोआगुलेंट और एंटीप्लेटलेट दवाएं ले रहे हैं तो हल्दी का सेवन आपके स्वास्थ्य पर नकरात्मक प्रभाव डाल सकता है।
  • अनुसंधान में दिखाया गया है कि हल्दी से किमोथेरेपी पर प्रभाव हो सकता है, इसलिए किमोथेरेपी उपचार के दौरान हल्दी के उपयोग से या हल्दी की खुराक लेने से बचना चाहिए।
  • एक अध्ययन से पता चला है कि जो लोग बड़ी खुराक में हल्दी लेते हैं, उनमें दस्त और मतली होने की संभावना बढ़ जाती है। तो दस्त से बचने के लिए अपने हल्दी (Turmeric) की खुराक को कम करें और यदि आप दस्त या मतली से पीड़ित हैं तो इसके सेवन का वर्जन करें।
  • हल्दी का प्रयोग पित्त या पित्त रुकावट से पीड़ित लोगों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए।

हल्दी (Turmeric) के कई स्वास्थ्य लाभों को देखते हुए, इस शक्तिशाली जड़ी बूटी को आप अपने आहार में शामिल कर अपने स्वास्थ्य की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं।