Arthritis गठिया को जड़ से ख़त्म करने के घरेलु उपाय

Arthritis गठिया को जड़ से ख़त्म करने के घरेलु उपाय

आर्थराइटिस (Arthritis) या गठिया जिसे संधिशोथ भी कहा जाता है एक प्रकार की जोड़ों की सूजन होती है। यह एक या एक से अधिक जोड़ो को प्रभावित कर सकती है। गठिया के लक्षण आमतौर पर समय के साथ विकसित होते रहते हैं, लेकिन ये अचानक भी दिखाई दे सकते हैं। संधिशोथ यानि गठिया 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों में देखा जाता है, हालांकि यह बच्चों, टीनएजर्स और युवाओं में भी विकसित हो सकता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में गठिया अधिक होता है खासतौर से उनमें जिनका वजन ज्यादा हो।

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गठिया (आर्थराइटिस) के प्रकार – Types of Arthritis in Hindi

आर्थराइटिस मुख्य तौर पर दो प्रकार के होते है –

  1. ऑस्टियोआर्थराइटिस (अस्थिसंधिशोथ)
  2. रूमेटाइड आर्थराइटिस (रुमेटी संधिशोथ)

गठिया (आर्थराइटिस) के लक्षण – Arthritis Symptoms in Hindi

यह कैसे पता लगाया जा सकता है (लक्ष्णों के आधार पर) कि हम किस तरह के आर्थराइटिस से प्रभावित हो रहे है? हालांकि इसकी पुष्टि के लिए चिकित्सीय परामर्श की जरुरत होती है, क्योंकि इसमें कई प्रकार की विविधता देखी गई हैं।

जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन गठिया के सबसे प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं, साथ ही संधिशोथ के दौरान आ्रपके प्रभावित अंग लाल पड़ सकते हैं। इससे आपकी चलने की गति भी कम हो सकती है। कुछ लोगों में गठिया के लक्षण सुबह के समय ज्यादा प्रभावी होते हैं।

आप घुटने, कूल्हे, कंधे, हाथ या पूरे शरीर के किसी भी जोड़ में गठिये के दर्द का अनुभव कर सकते हैं। रुमेटी गठिया में आपको थकान हो सकती है या प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधि धीमी पड़ने के कारण सूजन हो जाने की वजह से आप भूख में कमी महसूस कर सकते हैं।

आपको एनीमिया भी हो सकता है – जिससे आपके शरीर में खून की मात्रा कम हो जाती है और साथ ही कभी-कभी गठिया के तीव्र आक्रमण से रोगी को बुखार भी हो सकता है।

गंभीर रुमेटी गठिये का अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह जोड़ों को खराब करने का कारण बन सकता है।

गठिया रोग में हाथों-पैरो में गांठे बन जाती है और इलाज में देर होने से यह गंभीर रूप ले सकती है जिससे बालों में कंघी करना, सीढियों पर चढ़ना यहां तक की चलना भी मुश्किल हो जाता है।

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गठिया (आर्थराइटिस) के कारण – Arthritis Causes in Hindi

कार्टिलेज आपके जोड़ो का एक नर्म और लचीला ऊतक (टिशु; tissue) है। जब आप चलते हैं और जोड़ों पर दबाव डालते हैं तो यह प्रेशर और शॉक को अवशोषित (absorption) करके जोड़ों को बचाता है। कार्टिलेज ऊतकों की मात्रा में कमी से कई प्रकार के गठिये होते है।

सामान्य चोटें ऑस्टियो आर्थराइटिस का कारण बनती हैं, यह गठिया के सबसे सामान्य रूपों में से एक है। जोड़ों में संक्रमण (infection) या चोट कार्टिलेज ऊतकों की प्राकृतिक मात्रा को कम कर सकता है। यदि परिवार के लोगों में यह बीमारी पहले से चली आ रही है तो इस बीमारी के आगे भी बने रहने की संभावना बढ़ जाती है।

गठिया का एक और आम रूप है रुमेटी आर्थराइटिस, यह एक प्रकार का ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है। इसकी शुरुआत तब होती है जब आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के ऊतकों पर हमला करती है। इन हमलों से सिनोवियम पर प्रभाव पड़ता है। सिनोवियम आपके जोड़ो में पाया जाने वाला एक नर्म टिशु होता है जो ऐसे लिक्विड को बनाता है जिससे कार्टिलेज को पोषण और जोड़ो को चिकनाई मिलती है। रुमेटी गठिया सिनोवियम की एक बीमारी है जो जोड़ों पर हमला करके उन्हें नष्ट करती है। यह जोड़ो के अंदर हड्डी और कार्टिलेज को नष्ट करने का कारण बन सकती है।

वैसे तो इम्यून सिस्टम के हमलों का सही कारण पता नही है, लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक जीन (genes), हार्मोन और पर्यावरणीय कारण रुमेटी गठिये के जोखिम को दस गुना बढ़ा सकते है।

गठिया (आर्थराइटिस) से बचाव – Prevention of Arthritis in Hindi

अर्थराइटस एक गंभीर बीमारी है जिसका उपचार समय रहते करना बेहद जरुरी है। संतुलित आहार और सरल जीवन शैली से आप खुद को इस रोग से दूर रख सकते है। संतुलित आहार ना केवल बीमारियों को रोकने में मदद करता है, बल्कि इसमें कई रोगों को स्वाभाविक रूप से ठीक करने की पर्याप्त क्षमता भी होती है।

गठिया शरीर में जरूरत से ज्यादा यूरिक एसिड होने का कारण होता है। आमतौर पर गठिये के रोगी सूजन को कम करने वाली दवाओं पर निर्भर रहते है जो इस बीमारी का स्थाई समाधान नहीं है, क्योंकि इन दवाओं के कई साइड इफेक्ट हो सकते है। ऐसे में इस बीमारी से दूरी बनाए रखने और राहत पाने के लिए यह जरुरी है कि आप उचित आहार और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं।

एक ओर जहां गलत आहार कई तरह की बीमारियों को जन्म दे सकता है तो वहीं उचित आहार और नियमित खान पान से आप कई बीमारियों से निजात पा सकते है। अपने आहार में कुछ उचित खाद्य पदार्थों को शामिल करके और कुछ अनुचित खाद्य पदार्थों को छोड़कर, गठिया और उसके असहनीय दर्द से आराम पाया जा सकता है। याद रखें इस बीमारी को लाइलाज न होने दें।

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गठिया (संधि शोथ) का परीक्षण – Diagnosis of Arthritis in Hindi

डॉक्टर से परामर्श के दौरान आपके डॉक्टर आपके गठिया के इलाज के लिए पहले ये देखते हैं कि क्या आप में गठिया से सम्बंधित लक्षण दिख रहे हैं। अगर हां, तो वह कैसे विकसित हुए है, फिर वह आप की जांच कर आपको कुछ टेस्ट करवाने के लिए कहते हैं।

डॉक्टर गठिया की जांच कैसे करते हैं – How do doctors check for arthritis in Hindi

इलाज के दौरान डॉक्टर आपसे इस तरह के सवाल पूछ सकते हैं

  1. आपको किस जगह दर्द हो रहा है (जोड़ों में या जोड़ों के बीच में) और कौनसा जोड़ दर्द से ग्रस्त है।
  2. आपके जोड़ों में या जोड़ों के आस-पास सूजन, गर्मी, लालपन और छूने पर दर्द तो नहीं है। यह सूजन-संबंधी गठिया के संकेत हो सकते हैं।
  3. डॉक्टर आपके स्वास्थ्य के अन्य पहलुओं के बारे में पूछ सकते हैं क्योंकि गठिया आपके शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।
  4. इसके बाद आपके डॉक्टर आप की जांच कर इन संकेतों को ढूंढेंगे –
  • जोड़ों में सूजन इनफ्लेमेटरी आर्थराइटिस का कारण हो सकता है।
  • दर्द और सीमित मूवमेंट, साथ में एक झनझनाहट महसूस करना (crepitus), जो अपक्षयी (degenerative) गठिया जैसे कि ऑस्टियो आर्थराइटिस का संकेत हो सकता है ।
  • नरम ऊतकों (Tissues) को छूने पर पीड़ा होना और दर्द महसूस करना।
  • मुंह में दाने या अल्सर होना भी गठिये के होने का संकेत है।

गठिया निदान के लिए टेस्ट – Tests for arthritis diagnosis in Hindi

  1. गठिया के लिए प्रयोगशाला परीक्षण – Lab tests for arthritis in hindi
  2. Arthritis गठिया के लिए इमेजिंग टेस्ट – Imaging tests for arthritis in hindi

गठिया के लिए प्रयोगशाला परीक्षण – Lab tests for arthritis in hindi

कई प्रकार के शारीरिक तरल पदार्थों की जांच से गठिया के बारे में बताया जा सकता है।

आम तौर पर ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और जोड़ों के तरल पदार्थ की जांच होती है।

आपके जोड़ों से तरल पदार्थ का एक सैंपल लेने के लिए चिकित्सक सबसे पहले आपके जोड़ों को साफ करेंगे, फिर उस जगह को सुन्न कर देंगे। उसके बाद एक सुई डाल कर जांच के लिए तरल पदार्थ निकालेंगे।

गठिया के लिए इमेजिंग टेस्ट – Imaging tests for arthritis in hindi

कुछ ऐसे परीक्षण हैं जिनसे आपके जोड़ों के अंदर की समस्याओं का पता लगाया जा सकता है, जिनके कारण आपके लक्षण दिख रहे हैं। जैसे –

  1. गठिया के लिए एक्स रे – X ray for arthritis in hindi
  2. गठिया के लिए चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) – CT scan for arthritis in hindi
  3. आर्थराइटिस के लिए एमआरआई – MRI for arthritis in hindi
  4. आर्थराइटिस के लिए अल्ट्रासाउंड – Ultrasound for arthritis in hindi