Dry Mouth मुंह सूखने के कारण और घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे

Dry Mouth मुंह सूखने के कारण और घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे

मुंह का सूखना (Dry Mouth) एक ऐसी समस्या है जिससे काफी लोग उनकी जानकारी के बिना ही ग्रस्त रहते हैं। जैसा कि नाम से ही पता चलता है, इस स्थिति के अंतर्गत मुंह सूख जाता है एवं इसे चिकित्सकीय भाषा में ज़ेरोस्टोमिया (xerostomia) कहा जाता है। मुंह का सूखापन थूक लार का उत्पादन कम होने या खराब गुणवत्ता की लार के उत्पादित होने की वजह से होता है, जिसकी वजह से मुंह में पर्याप्त लुब्रिकेशन (lubrication) नहीं मिल पाता। मुंह में लार का उत्पादन बिल्कुल बंद हो जाना इस समस्या का काफी गंभीर चरण होता है, जिसमें आपको त्वरित चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ती है। हालांकि यदि यह स्थिति ज़्यादा गंभीर नहीं है तो लक्षणों के दिखते ही घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल ही अच्छा रहता है।

Dry Mouth

Dry Mouth होने के कई कारण होते हैं। पानी में फ्लोराइड की मात्रा में कमी, बॉडी में पानी की कमी होना, अनियमित दिनचर्या, भूखे रहना, देर रात तक जागना, कई दिनों तक जागना, पौष्टिक खानपान की कमी, ऐसिडिटी आदि के कारण मुंह में लार कम बनती है।

नीचे कुछ प्रभावी घरेलू नुस्खों के बारे में बताया जा रहा है जो मुंह के सूखेपन की समस्या को दूर करने में काफी कारगर साबित होते हैं।

Home remedies for dry mouth

मुंह का सूखापन दूर करने के लिए अदरक (Ginger can help in treating dry mouth)

अदरक मुंह का सूखापन (Dry Mouth) दूर करने के प्रभावी नुस्खों में से एक साबित हो सकता है।  अदरक लार ग्रंथि को कार्यशील बनाने में सहायता करता है एवं साँसों की बदबू, जो मुंह के सूखेपन से जुड़ी एक आम समस्या है, को भी दूर करता है।

नियमित अंतराल में अदरक के छोटे टुकड़े को चबाते रहें।  आप किसे हुए अदरक में थोड़ा सा नमक एवं नींबू मिलाकर एवं इन्हें सूरज की रोशनी में सुखाकर स्वादिष्ट सूखे अदरक के टुकड़े बना सकते हैं। मुंह का सूखापन दूर करने के अलावा यह आपकी भूख बढ़ाने में भी सहायता करता है।

मुंह का सूखापन दूर करने के लिए सौंफ (Fennel seeds are effective to treat dry mouth)

सौंफ अपने मीठे स्वाद एवं सुगंध के लिए जाना जाता है। दिन में 4-5 बार सौंफ चबाने या केवल इसे अपने मुंह में रखने भर से लार के उत्पादन एवं मुंह के सूखेपन (Dry Mouth) के लक्षणों से लड़ने में सहायता मिलती है।

मुंह के सूखेपन के लिए अंगूर के बीज का तेल (Grape seed oil for dry mouth)

अंगूर के बीज का तेल भी मुंह के सूखेपन (Dry Mouth) की समस्या से लड़ने में काफी प्रभावी साबित होता है। रात को अपने दांत एवं मुंह साफ़ करने के बाद अपनी उँगलियों पर यह तेल थोड़ा सा लें एवं अपनी जीभ तथा गाल के अंदरूनी हिस्से पर लगाएं। अतिरिक्त लार को थूककर बाहर निकाल दें पर मुंह ना धोएं। अगली सुबह अपने दांतों एवं मुंह को अच्छे से साफ़ कर लें।

Dry Mouth

मुंह के सूखेपन के लिए एलो वेरा (Aloe vera helps in treating dry mouth)

एलो वेरा एक और सामान्य घरेलू नुस्खा है जिसकी मदद से आप मुंह के सूखेपन (Dry Mouth) की समस्या को दूर कर सकते है।  इसके लिए दिन में 3-4 बार अपने मुंह को एलो वेरा के रस से कुल्ला करें। आप अपनी जीभ एवं मुंह पर एलो वेरा का रस भी लगा सकते हैं तथा इसे एक घंटे के लिए छोड़कर पानी से धो सकते हैं।  रोज़ाना दिन में दो से तीन बार एलो वेरा का रस पीना भी काफी फायदेमंद होता है।

लार के उत्पादन के लिए दालचीनी (Cinnamon can increase saliva secretion – Dry Mouth)

दालचीनी में लार का उत्पादन बढ़ाने की काबिलियत होती है, जिसके फलस्वरूप आपके मुंह के सूखेपन (Dry Mouth) की समस्या दूर होती है।  दालचीनी का स्वाद साँसों की बदबू से लड़ने में सहायता करता है।  दालचीनी के टुकड़े चबाने से लार का उत्पादन बढ़ता है एवं मुंह का सूखापन दूर होता है।

Dry Mouth

मुंह के सूखेपन के लिए तुलसी के पत्ते (Tulsi leaves for dry mouth)

तुलसी के पत्तों में काफी मात्रा में औषधीय गुण होते हैं तथा यह मुंह के सूखेपन के लक्षणों को ठीक करने में भी काफी मददगार साबित होते हैं।  तुलसी के कुछ पत्ते लें एवं इन्हें धोकर चबाएं। एक बार में अधिक पत्तियां ना चबाएं।  लार का उत्पादन बनाये रखने के लिए नियमित अंतराल में तुलसी की एक पत्ती चबाएं।